नौरोजाबाद में नेकी की दीवार के लिए युवाओं ने की पहल जिला कलेक्टर को सौपा आवेदन

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उमारिया – तापस गुप्ता एक कहावत हैं नेकी कर दरिया में डाल पर अब मध्यप्रदेश में इस कहावत का नया रूपांतरण हैं नेकी कर दीवार में टांग इस तर्ज पर उमरिया जिले सहित प्रदेश के कई जिलों में नेकी की दीवार आनंदम विभाग के अंतर्गत सफलतम रूप से संचालित है इस अनुपम गतिविधि के माध्यम से प्रतिदिन अनेको जरुरतमंद की जरूरते पूरी हो रही हैं इसी सन्दर्भ में नगर नौरोजाबाद में नेकी की दीवार के लिए सावजिनक स्थल में एक भवन निर्माण हेतु नगर के सामाजिक कार्यकर्त्ता संजय विश्वकर्मा और संदीप तिवारी और कई युवाओं ने जिला मुख्यालय पहुँच कर जिला कलेक्टर को आवेदन दिया है। प्रशासन के द्वारा नगर में नेकी की दिवार के लिए भवन उपलब्ध करवाए जाने पर नगर में सभी आर्थिक वर्गों के बीच पारस्परिक सौहार्द का वातावरण निर्मित होगा।
क्या मायने हैं नेकी की दीवार के : अगर आपके घर में पुराने पहनने, ओढ़ने, बिछाने के कपड़े, किताबें, खिलौना, बर्तन एवं दवाइयां, क्रॉकरी, फर्नीचर आदि जो भी है, जिसका आप प्रयोग नहीं कर रहे हैं और वह नगर के जरूरतमंदों के काम आ जाएगा । आपको उक्त सामान को ‘नेकी की दीवार को देना होगा। यहां से जरूरतमंद आकर खुद इन्हें ले जाएंगे। कपड़े टांगने के लिए यहां खूंटियां लगाई जाएगीं। इसके अलावा बर्तन आदि अन्य सामान रखने के लिए नीचे जगह बनाई जाएगीं। यहां जरूरतमंद आकर अपनी जरूरत के हिसाब से कोई भी चीज ले सकेंगें । नेकी की यह दीवार उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम शाबित नही होगी जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन व्यतीत कर रहे हैं। अपने स्वाभिमान के कारण किसी के सामने हाथ नहीं फैलाते। जरूरतमंद लोग यहां आकर अपनी जरूरत के हिसाब से चीजें ले सकेंगे।

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